ॐ चतुरश्राय नमः
चतुरश्रः
Caturaśraḥ
Root: catur + aśra
अर्थ
The perfectly balanced being, complete and upright in every dimension of existence
पूर्ण सन्तुलित सत्ता, अस्तित्व के हर आयाम में सम्पूर्ण और सीधे
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
चतुर्
four
चार
अश्र
corner, angle
कोना
आधुनिक संदर्भ
चतुरश्र दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 683)। पहली बार 'चौकोर' (balanced/square) व्यक्ति के संदर्भ में था। जितमन्यु-भयापह-चतुरश्र तीनों नाम दोनों बार एक ही क्रम में आए हैं (681-683 और 861-863)। तीन नाम, दो बार! क्रोध जीतो → भय दूर करो → सन्तुलित बनो। सन्तुलन (balance) क्रोध-विजय और भय-मुक्ति का परिणाम है।
कब जपें
ॐChant when seeking life-balance, during the double anger-fear-balance trio, or when equilibrium requires conquering both inner enemies first.
और ज्ञान नाम
← → arrow keys to navigate