ॐ यज्ञगुह्याय नमः
यज्ञगुह्यम्
Yajñaguhyam
Root: yajña + guhya
अर्थ
The hidden secret at the heart of every sacrifice, the mystery that ritual conceals
हर यज्ञ के हृदय में छिपा रहस्य, वो गुप्त सत्य जो अनुष्ठान के भीतर है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
यज्ञ
sacrifice
यज्ञ
गुह्य
secret
रहस्य
आधुनिक संदर्भ
यज्ञगुह्य दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 729)। बारहवाँ और अन्तिम यज्ञ-नाम! 898-909 = 718-729 का पूर्ण बारह-नामों का दर्पण! बारह यज्ञ-नाम, दो बार = चौबीस यज्ञ-आयाम, दोनों खण्डों में। यह सहस्रनाम का सबसे लम्बा structurally mirrored sequence है। बाहर से यज्ञ = अग्नि + मन्त्र + आहुति। भीतर का रहस्य = भगवान। दो बार = अन्तिम सत्य।
कब जपें
ॐChant when seeking ritual's deeper meaning, when the twelve-name yajna mirror completes, or when the secret within sacrifice is the meditation.
और विद्या नाम
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