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063dharana
The Sensesइंद्रियDharana 63 5–15 minAudio coming soon
Before the Word
शब्द से पहले
ॐ
आँखें बंद करके बैठिए. अगली बार जब कोई संवेदना उठे, ठंडे फ़र्श का स्पर्श, गाल पर रोशनी की गरमाहट, जाँघ पर हाथ का भार, ध्यान दीजिए कि उसे नाम देने से पहले एक बहुत छोटा सा अंतराल होता है. उसी अंतराल को पकड़ने की कोशिश कीजिए. 'ठंडा फ़र्श', 'गरम रोशनी', 'भारी हाथ' से ठीक पहले, संवेदना बिल्कुल सादी होती है, कोई शब्द उसके ऊपर नहीं होता. उसी किनारे पर बार बार लौटते रहिए. भाषा से पहले का संसार उस ताज़गी में होता है जहाँ कोई शब्द पूरी तरह नहीं पहुँचता.