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099dharana
Onenessअद्वैतDharana 99 10–20 minAudio coming soon
The Body as a Small Universe
शरीर एक छोटा ब्रह्मांड
ॐ
सीधे बैठिए, आँखें कोमलता से बंद. ध्यान छाती पर रखिए और उसकी भीतरी खुली जगह को महसूस कीजिए. इसकी तुलना धीरे से खिड़की के बाहर के विशाल आसमान से कीजिए. देखिए दोनों में खुलेपन का एक ही भाव है, बस आकार अलग है. अब छाती में चलती साँस को महसूस कीजिए, और याद कीजिए बाहर आकाश में चलती हवा. वही गति, अलग पैमाना. शरीर की भीतरी जगहों और संसार की बड़ी जगहों के बीच के मेल को महसूस करते हुए बैठिए. वही एक जगह दोनों को थामे है. शरीर ब्रह्मांड से अलग नहीं है. यह ब्रह्मांड ही है, कुछ देर के लिए एक छोटे आकार में आने आया हुआ.