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A Body Made of Light
035dharana
BodyदेहDharana 35 10–20 minAudio coming soon

A Body Made of Light

प्रकाश का शरीर

सीधे बैठिए, आँखें कोमलता से बंद. कल्पना कीजिए कि शरीर का हर हिस्सा, पैरों के तलवों से लेकर सिर के ऊपर तक, भीतर से कोमलता से दीप्त हो रहा है. मशाल जैसी तेज़ रोशनी नहीं, मद्धम मद्धम चमक, जैसे मिट्टी का दीया अंधेरे कोने में गरमाहट देता है. मन ही मन शरीर में धीमे चलिए, और हर हिस्से को अपनी एक शांत रोशनी से भरने दीजिए. चमक के अनुभव में टिकिए, उसकी तस्वीर में नहीं. शरीर हल्का होता जाता है, उसमें रहना सहज होता है, और वह एक भारी बोझ की जगह एक प्रिय घर लगने लगता है.