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Both Sides of the Same Hand
110dharana
Onenessअद्वैतDharana 110 10–20 minAudio coming soon

Both Sides of the Same Hand

एक ही हाथ की दो ओरें

आराम से बैठिए, आँखें बंद. किसी विपरीत जोड़ी को मन में लाइए, प्रकाश और अंधकार, भरा और ख़ाली, सुख और दुख, यहाँ और वहाँ. ज़िंदगी में हम इन्हें अक्सर लड़ती हुई दो ओरों की तरह बरतते हैं. आज ध्यान से देखिए. हर एक वही है जो वह है केवल दूसरे के कारण. प्रकाश को प्रकाश होने के लिए अंधकार चाहिए. सुख दुख की याद के सामने ही महसूस होता है. यह जोड़ी दो विरोधी नहीं है. यह एक पूर्ण की दो ओरें हैं, जैसे एक ही हाथ की दो ओरें. इस जोड़ी के पीछे की पूर्णता के साथ बैठिए, और महसूस कीजिए कि जब हृदय पक्ष चुनना छोड़ देता है तो वह कितना स्थिर हो जाता है.