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Breath That Dissolves the World
008dharana
Breathश्वासDharana 8 5–15 minAudio coming soon

Breath That Dissolves the World

साँस जो संसार को घोल देती है

किसी शांत कोने में बैठिए, कमरा अपनी सहज जगह पर, दिन के काम कुछ देर के लिए एक तरफ़ रख दीजिए. एक लंबी, धीमी साँस छोड़िए. जैसे साँस बाहर जाती है, कमरा भी ढीला होता जाए, दीवारें कम ठोस लगें, दिन का शोर जगह में घुलने लगे. हर अगली साँस में बस वही खुली जगह बच रहे, और सब कुछ उसके भीतर हो. कुछ साँसों तक यही दोहराइए. संसार सच में कहीं नहीं गया है. आपने बस याद कर लिया कि हर ठोस चीज़ के नीचे जगह है, और हर साँस के नीचे वही शांत आकाश.