Skip to main content
Back to All Dharanas
The Circle of Breath
012dharana
Breathश्वासDharana 12 5–15 minAudio coming soon

The Circle of Breath

साँस का गोल चक्र

सहज बैठिए, आँखें कोमलता से बंद. अधिकतर लोग साँस को अंदर बाहर, दो अलग हलचलों की तरह महसूस करते हैं. आज यह कीजिए. साँस को छाती के भीतर एक धीमे गोल पहिए की तरह कल्पना कीजिए, जिसमें न साँस लेने की साफ़ शुरुआत है न छोड़ने का साफ़ अंत, बस एक लगातार चलता चक्र, और आप उसी के बीच में बैठे हैं. ध्यान पूरे पहिए पर टिकाइए, किसी एक हिस्से पर नहीं. कुछ मिनटों में अंदर बाहर का सवाल ही बेमानी हो जाता है, बस यह एक शांत गति बच रहती है.