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004dharana
Breathश्वासDharana 4 5–15 minअभ्यास पाठ उपलब्ध; निर्देशित ऑडियो जल्द आएगा
The Climb of the Breath
साँस की चढ़ाई
ॐ
सीधे बैठिए, पीठ सहज रखिए, आँखें कोमलता से बंद. धीरे से साँस अंदर लेते हुए, ध्यान को साथ ही ऊपर उठने दीजिए, रीढ़ के निचले सिरे से नाभि और हृदय होते हुए, सिर से थोड़ा ऊपर एक जगह तक. वहाँ कुछ साँसों के लिए हल्के होकर टिकिए, न खींचिए न धकेलिए. यह उठना साँस का अपना स्वभाव है, ज़बरदस्ती कुछ नहीं करना. सिर के ऊपर जो जगह मिलती है, वह वही बोध है जो रीढ़ के नीचे से शुरू हुआ था, बस अब और खुला हुआ.