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002dharana
Breathश्वासDharana 2 3–10 minअभ्यास पाठ उपलब्ध; निर्देशित ऑडियो जल्द आएगा
The Far Edge of Each Breath
हर साँस का अंतिम छोर
ॐ
सहज बैठिए. एक धीमी, सामान्य से लंबी साँस छोड़िए, जैसे दिन भर का बोझ छोड़ रहे हों. बीच में मत रुकिए. साँस को अंत तक जाने दीजिए, जब तक कुछ बाहर निकालने को बचे ही नहीं. उसी आख़िरी सिरे पर, इससे पहले कि शरीर अगली साँस खींचे, टिकिए. वह सिरा एक ऐसी स्थिरता रखता है जिसे कोई जतन नहीं चाहिए. यही वह स्थिरता है जो अगले ही पल जब आपको बोलना, उत्तर देना, या काम करना हो, तब भी टूटती नहीं.