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The Finest Thread of Breath
005dharana
Breathश्वासDharana 5 5–15 minअभ्यास पाठ उपलब्ध; निर्देशित ऑडियो जल्द आएगा

The Finest Thread of Breath

साँस का सबसे महीन धागा

आराम से बैठिए, साँस सहज रखिए. साँस छोड़ते समय उसे महीन से महीन होते हुए महसूस कीजिए, जैसे एक धागा इतना पतला हो जाए कि उसका भार भी हाथ में न आए. साँस के अंत तक वह साँस जैसी रहती ही नहीं, बस बोध के किनारे पर एक धीमी सी हलचल बच रहती है. वहीं रुकिए. अगली साँस अपने आप, धीरे से शुरू होगी. जब मन साँस के साथ इतना बारीक हो जाता है, तब वह भी बारीक हो जाता है, और बचता है केवल सुनना.