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Hearing What Is Already Here
061dharana
The Sensesइंद्रियDharana 61 10–20 minAudio coming soon

Hearing What Is Already Here

जो पहले से है उसे सुनना

शांति से बैठिए, आँखें बंद. ज़्यादातर ध्यान इस तलाश से शुरू होते हैं कि शांति कहाँ मिले. आज इसके उलट कीजिए. कानों को उस हर आवाज़ के लिए पूरी तरह खोल दीजिए जो पहले से यहीं है, छत के पंखे की गुनगुनाहट, कहीं हँसता बच्चा, गली से आती कार की हॉर्न, बगल वाले फ़्लैट से कुकर की सीटी. सब कुछ आने दीजिए, पूरा ध्वनि-दृश्य, बिना चुनाव के. शहर, गाँव, या मौन, जो भी है, वही आपका ध्यान बने. ज़िंदगी की आवाज़ ही द्वार बन जाती है, कहीं और भागने की ज़रूरत नहीं रहती.