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Holding the Weight
092dharana
EmotionभावनाDharana 92 10–20 minAudio coming soon

Holding the Weight

भार को थामे रखना

जब शोक उपस्थित हो, कहानी बार बार दोहराने की जगह, किसी शांत कोने में बैठिए और ध्यान शरीर की उसी पीड़ा पर रखिए, छाती का भारीपन, बंद गला, थकी भुजाएँ. कथा मत बनाइए. ठीक महसूस करने की ओर मत धकेलिए. बस उस भार के साथ रहिए, साँस दर साँस. यह अभ्यास उस शोक के लिए है जिसे कोमल साथ की ज़रूरत है. गहरा शोक ध्यान से अधिक का हक़दार है, किसी विश्वसनीय व्यक्ति की स्थिर उपस्थिति, समय, कभी कभी किसी सलाहकार की सहायता. इन सहायताओं के बीच, यह बैठना एक शांत तरीक़ा है जिससे हृदय धीरे धीरे ख़ुद को फिर से पाने लगता है.