Back to All Dharanas

013dharana
Light & Radianceप्रकाशDharana 13 5–15 minAudio coming soon
The Lamp Within
भीतर का दीप
ॐ
सीधे बैठिए, आँखें कोमलता से बंद. सीने के बीच में एक छोटी, स्थिर लौ की कल्पना कीजिए, जैसे घर के दीये की लौ हो. यह लौ काँपती नहीं. यहाँ कोई हवा नहीं पहुँचती. साँस के साथ साथ उस लौ का प्रकाश और स्पष्ट होता जाए, शरीर के भीतर का सब कुछ एक कोमल रोशनी से भर जाए. वहीं रहिए जब तक यह भी भूल जाए कि आप कुछ कल्पना कर रहे थे, और केवल चमक बच रहे. वह चमक हमेशा से आप ही थे.