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The Lineage That Holds You
083dharana
Devotionभक्तिDharana 83 10–20 minAudio coming soon

The Lineage That Holds You

जो परंपरा आपको थामे है

शांति से बैठिए, आँखें बंद. उन गुरुजनों को याद कीजिए जिन्होंने आपके भीतरी जीवन को गढ़ा है, रविवार की सुबह रामायण पढ़ते पिता, शाम का दीया जलाती माँ, कोई बुआ जिन्होंने एक स्तोत्र सिखाया, कोई संत जिनके शब्द आपके साथ रह गए, भले ही आप कभी मिले न हों. उन्हें अपने पीछे खड़े हुए देखिए, छाया की तरह नहीं, एक जीवित परंपरा की तरह. जो धर्म आप जीते हैं, वह आपसे शुरू नहीं हुआ. वह उन सबके जीवन से होता हुआ यहाँ पहुँचा है, और आपके सीने में एक शांत विरासत की तरह बसता है. इसी पंक्ति के आख़िरी छोर पर बैठिए, सँभले हुए.