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087dharana
EmotionभावनाDharana 87 5–15 minAudio coming soon
Longing as the Doorway
तड़प ही द्वार
ॐ
शांति से बैठिए, एक हाथ छाती के बीच रखिए. कोई तड़प याद कीजिए जो आप साथ लिए चलते हैं, वह जिसे आप हमेशा मानते भी नहीं, किसी जा चुके माता पिता को देखने की चाह, किसी अब दूर हो चुके के पास होने की, अंत में शांति महसूस करने की. तड़प को छाती में पूरी तरह उठने दीजिए, न समझाइए न ठीक कीजिए. उसकी बनावट, उसका भार, उसकी गरमाहट के साथ रहिए. तड़प कोई हल करने वाली समस्या नहीं है. यह हृदय का अब भी अपने प्रिय की ओर इशारा करना है. वह इशारा ख़ुद एक तरह की प्रार्थना है, उन शब्दों से कहीं पुरानी जो आप उसे देंगे.