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When Meditation Continues by Itself
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Onenessअद्वैतDharana 106 VariableAudio coming soon

When Meditation Continues by Itself

जब ध्यान ख़ुद चलने लगे

कोई ध्यान शुरू कीजिए जो आप पहले से जानते हैं, साँस को देखना, मन में नाम जपना, पूजाघर के सामने बैठना. कुछ मिनट ध्यान से कीजिए. किसी पल पहचानिए कि 'मैं ध्यान कर रहा हूँ' का भाव ढीला पड़ गया है. ध्यान हो रहा है, पर अब आप उसे चला नहीं रहे. प्रयास के आसन पर वापस मत कूदिए. बहाए जाने के आसन पर रहिए. अभ्यास और अभ्यासी, कुछ देर के लिए, एक ही गति बन गए हैं. हर अभ्यास चुपचाप यही पाने की आशा करता है, और जब यह आता है तो इसे घोषणा की ज़रूरत नहीं होती.