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081dharana
Devotionभक्तिDharana 81 10–20 minAudio coming soon
The Name as the Presence
नाम ही उपस्थिति
ॐ
आराम से बैठिए, आँखें बंद. वह दिव्य नाम चुनिए जो आपके हृदय के सबसे पास रहता है, राम, हरि, शिव, देवी, कृष्ण. उसे धीरे से कहिए, ज़ोर से या मन में, बस एक बार. जल्दी आगे मत बढ़िए. नाम जो भाव छाती में छोड़ता है, उसी के साथ बैठिए, जैसे छाती में एक छोटी रोशनी रख दी गई हो. फिर एक बार और कहिए, और एक बार, बीच में लंबे ठहराव के साथ. ध्यान दीजिए कि आप जिसे उस नाम से बुलाते हैं वह दूर नहीं है, बल्कि जो जगह नाम ने खोली, उसी में पहले से भरा है. नाम वह है जिससे देवता उसी कमरे में उतरते हैं जो आपने उनके लिए बनाया था.