Back to All Dharanas

109dharana
Onenessअद्वैतDharana 109 5–15 minअभ्यास पाठ उपलब्ध; निर्देशित ऑडियो जल्द आएगा
Nothing More Needed
कुछ और नहीं चाहिए
ॐ
शांति से बैठिए और हाल का कोई पूर्ण संतुष्टि का क्षण याद कीजिए, अपने प्रिय भोजन का आख़िरी निवाला, लंबे दिन के काम का वह अंत जो आख़िर अच्छा रहा, बरामदे पर वह शांत शाम जब पूरा परिवार खा-पीकर बैठ चुका हो. एक साँस के लिए वह क्षण साफ़ लाइए. अब ध्यान दीजिए कि उस क्षण को मीठा भोजन या काम ने नहीं बनाया था, बल्कि चाहत का एक संक्षिप्त रुक जाना. एक शांत खंड के लिए, कुछ और नहीं चाहिए था. इसी 'पर्याप्त' के अनुभव के साथ रहिए. यह कारण के बारे में कभी था ही नहीं. इसकी क्षमता पहले से ही आपके भीतर थी.