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055dharana
The Sensesइंद्रियDharana 55 5–10 minअभ्यास पाठ उपलब्ध; निर्देशित ऑडियो जल्द आएगा
Scent and the One Who Smells
महक और महकने वाला
ॐ
एक अगरबत्ती जलाइए, या गरम चाय का प्याला पास रखिए, या उँगलियों के बीच तुलसी का पत्ता मसलिए. बचपन के घर से कितनी ही दूर क्यों न हों, वही महक वही अर्थ साथ ले आती है. आँखें बंद कीजिए और महक पर ध्यान दीजिए. एक मिनट उसे बस ले लीजिए. फिर, धीरे से, ध्यान को महक से हटाकर महकने की क्रिया पर ले आइए, वह शांत भीतरी काम जो गंध को अनुभव में बदलता है. महक अब भी है. पर आप अभी जिसके प्रति जागरूक हैं, वह वही है जो महकता है, जीवंत, ध्यानी, उपस्थित. महक तो द्वार थी. भीतर जो प्रतीक्षा में था, वही जागा है.