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051dharana
The Sensesइंद्रियDharana 51 5–15 minAudio coming soon
Seeing the Seeing
देखने को देखना
ॐ
खिड़की के पास या बरामदे में बैठिए, आँखें खुली. नज़र को किसी सहज चीज़ पर टिकाइए, तुलसी का पौधा, दीवार पर लगा दीया, परदे की कोई बेल. उसे बिना नाम दिए देखिए. फिर धीरे से पहचानिए कि दो चीज़ें हो रही हैं, वस्तु जिसे देखा जा रहा है, और स्वयं देखना. दिन भर ध्यान केवल वस्तु पर रहता है. आज बोध को घुमाकर देखने की क्रिया पर ले आइए. वस्तु अब भी सामने है. पर अब आप जिसके साथ हैं, वह आँखों के पीछे जीता हुआ साधारण देखना है.