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077dharana
Devotionभक्तिDharana 77 10–15 minAudio coming soon
Seen by the Beloved
प्रिय की दृष्टि
ॐ
आँखें कोमलता से बंद कर लीजिए. कल्पना कीजिए कि आप मंदिर में अपने इष्ट देवता के सामने खड़े हैं, या घर के पूजाघर पर छोटी मूर्ति के सामने बैठे हैं. अब देवता को देखने की जगह, ख़ुद को देखे जाने दीजिए. उनकी दृष्टि को ग्रहण कीजिए. आप जिन आँखों की कल्पना कर रहे हैं वे आपको नाप नहीं रहीं, अच्छाई बुराई नहीं तौल रहीं, बस आपसे प्यार कर रही हैं, पूरी तरह, जैसे माँ सोते हुए बच्चे को देखती है. इसके लायक होने की कोशिश मत कीजिए. कमाने की कोशिश मत कीजिए. बस ले लीजिए. आपका कोई हिस्सा ऐसा नहीं जहाँ यह दृष्टि न पहुँचे. वहीं बैठिए जब तक यह देखना अपना शांत काम पूरा न कर ले.