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082dharana
Devotionभक्तिDharana 82 10–30 minAudio coming soon
Sitting With the Form
मूर्ति के संग बैठना
ॐ
अपने इष्ट देवता की मूर्ति के सामने बैठिए, घर में या मंदिर में, वही मूर्ति जिसके चारों ओर परिवार की पूजाएँ हमेशा से होती आई हैं. शरीर को टिकने दीजिए, फिर आँखें कोमलता से उसी मुख पर रख दीजिए. नक्काशी मत परखिए, चढ़ाए फूलों का हिसाब मत कीजिए. बच्चे की तरह देखिए जो माता पिता के चेहरे को देखता है, कुछ माँगे बिना, कुछ तौले बिना, बस वहीं बैठा हुआ. धीरे धीरे वह मूर्ति अलग नहीं रह जाती. पत्थर या पीतल का मुख निराकार का मुख बन जाता है, जिसने आज यह रूप आपका साथ देने के लिए चुना है. उसी संग में रहिए जब तक मंदिर भीतर न समा जाए.