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Strong Feeling as Practice
096dharana
EmotionभावनाDharana 96 5–15 minAudio coming soon

Strong Feeling as Practice

तीव्र भाव ही अभ्यास

दिन में जब कोई तीव्र भाव उठे, किसी लापरवाह चालक पर ग़ुस्सा, किसी ख़बर पर तीखी निराशा, बच्चे के लिए तेज़ प्यार, न प्रतिक्रिया कीजिए न दबाइए. एक पल खोजिए, कुछ सेकंड भी काफ़ी हैं, और ध्यान सीधे शरीर में उस भाव के स्वाद पर रखिए. कहाँ है? गरम या ठंडा? तीखा या चौड़ा? कुछ सेकंड उसी के साथ रहिए, अगला क़दम मत उठाइए. भाव तो आपसे होकर गुज़रने ही वाला था. आज वह बोलने या करने की जगह बोध से होकर गुज़रता है, और पीछे कोई कूड़ा नहीं छोड़ता.