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The Sun in the Chest
068dharana
Light & Radianceप्रकाशDharana 68 10–20 minअभ्यास पाठ उपलब्ध; निर्देशित ऑडियो जल्द आएगा

The Sun in the Chest

छाती में सूर्य

सीधे बैठिए, आँखें बंद. कल्पना कीजिए कि छाती के बीच एक छोटा दीप्त सूर्य बैठा है, हर दिशा में चमक बिखेरता हुआ. उसका प्रकाश शरीर को भीतर से भरता है, भुजाएँ, टाँगें, सिर, फिर शरीर के बाहर कमरे में फैल जाता है. यह चमक तीखी नहीं है, बस भरपूर है, गरम है, उदार है. कुछ साँसों तक इसी दीप्ति में बैठिए. चित्र को बनाए रखने का परिश्रम मत कीजिए. उसे अपने आप चमकने दीजिए. सूर्य प्रकाश देने में ज़ोर नहीं लगाता. आज आप भी मत लगाइए.