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The Final Doorway
112dharana
Onenessअद्वैतDharana 112 15–30 minAudio coming soon

The Final Doorway

अंतिम द्वार

यह सब अभ्यासों में अंतिम है, और सबसे सरल भी. सीधे बैठिए, आँखें कोमलता से बंद. ध्यान दीजिए कि आप अभी, इसी क्षण, बिना किसी प्रयास के, बिना किसी विधि के, बिना किसी नाम के, जागे हुए हैं. यहाँ का बोध, इस शरीर में, इस क्षण में, वही विशाल बोध है जो पूरे ब्रह्मांड को थामे है. इसे विचार बनाकर मत दावा कीजिए. इसे बहुत बड़ा कहकर मत नकारिए. बस बोध स्वयं होने में टिकिए, अखंड, पूर्ण, और कुछ नहीं चाहता. बाक़ी अभ्यास द्वार थे. यह वह कमरा है जिसमें वे सब खुलते थे, और आप शुरू से इसी कमरे में बैठे हैं.