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The Light of Dawn
074dharana
Light & Radianceप्रकाशDharana 74 15–30 minAudio coming soon

The Light of Dawn

उषा की रोशनी

सूर्योदय से पहले पूरब की ओर मुँह करके बाहर बैठिए. संसार धूसर है, पक्षी जागने लगे हैं, शहर ने अभी दिन शुरू नहीं किया. पूर्व के आकाश को देखिए जब पहली रोशनी धीरे धीरे फैलती है, फिर और साफ़ होती जाती है. रंगों को नाम मत दीजिए. घड़ी मत देखिए. बस रोशनी को फैलने दीजिए, और बोध को भी उसके साथ फैलने दीजिए. भीतर और बाहर साथ साथ उजले होते जाते हैं. जब तक सूरज ऊपर आता है, तब तक आप उषा को देखते हुए नहीं बैठे होते. आप ख़ुद उषा होते हैं, अपने आप को होते हुए देखती.