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The Warm Lamp at the Heart
067dharana
Light & Radianceप्रकाशDharana 67 10–20 minअभ्यास पाठ उपलब्ध; निर्देशित ऑडियो जल्द आएगा

The Warm Lamp at the Heart

हृदय में गरम दीपक

सीधे बैठिए, पीठ सहज, आँखें कोमलता से बंद. ध्यान सीने के बीच में लाइए. वहाँ एक छोटी कोमल लौ की कल्पना कीजिए, सुनहरी, गरम पर बिना ताप के, जैसे शाम की आरती के दीपक की हल्की पीली चमक. इसे तेज़ चित्र की तरह मत देखिए. बस उसकी गरमाहट को छाती में भीतर से भरते हुए महसूस कीजिए. हर साँस के साथ वह गरमाहट थोड़ी और फैलती जाए, कंधों में, कंठ में, पेट में. चित्र से अधिक गरमाहट के साथ रहिए. यह दीपक हृदय में बचपन से जल रहा है. आप बस फिर से उसके पास आए हैं.