Back to All Dharanas

031dharana
Inner SpaceअंतःआकाशDharana 31 5–15 minAudio coming soon
What Remains When the Image Fades
जब छवि घुल जाए, क्या बचता है
ॐ
आराम से बैठिए, आँखें बंद. एक छवि स्पष्ट रूप से मन में लाइए, सामने जलता एक छोटा दीया, कोई प्रिय फूल, या घर के मंदिर में जैसी याद है वैसी देवता की मुख छवि. उसे कुछ साँसों के लिए स्थिर रखिए. फिर जान-बूझकर उस छवि को घुलने दीजिए, जैसे आईने से धुंध छँट जाती है. उसकी जगह कोई और चित्र मत लाइए. ध्यान दीजिए कि छवि के जाने पर बोध में क्या बचता है. कुछ अब भी वहाँ है, देख रहा है, मौजूद है, अविचलित है. वही उपस्थिति वह थी जो शुरू से उस छवि को थामे हुए थी.