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When the Flame Is All There Is
066dharana
Light & Radianceप्रकाशDharana 66 10–20 minAudio coming soon

When the Flame Is All There Is

जब केवल लौ बच रहे

शाम ढलते समय धीमे रोशनी वाले कमरे में एक छोटा दीया जलाइए. सहज दूरी पर बैठिए. आँखें कोमलता से लौ पर टिका दीजिए और उसे इतना बड़ा होने दीजिए कि वही बोध में बच रहे. पीछे का कमरा धुँधला हो जाए, समय गिनती छोड़ दे, दिन के छोटे विचार एक तरफ़ हट जाएँ. बस यह एक लौ और उसका देखना. वहीं रहिए. जिस चमक को आप देख रहे हैं, वह आँखों के पीछे की चमक से अलग नहीं है. दोनों एक दूसरे को पहचान रहे हैं.