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Where Breath Meets the Heart
014dharana
Breathश्वासDharana 14 3–10 minAudio coming soon

Where Breath Meets the Heart

जहाँ साँस हृदय को छूती है

शांति से बैठिए, एक हाथ छाती के बीच रखिए. धीरे से साँस छोड़िए. जब साँस पूरी निकल जाए और अगली शुरू होने को हो, उस छोटे से मोड़ को हाथ के ठीक नीचे, हृदय की जगह पर महसूस कीजिए. ध्यान बिल्कुल वहीं रखिए. नाक पर नहीं, पेट पर नहीं, बस उसी मिलन की जगह पर. हर नई साँस सबसे पहले हृदय को छूती है, उसके बाद कहीं और जाती है. कुछ देर इसी छूने में टिकिए, और हृदय वह घर लगने लगता है जहाँ हर साँस लौटकर आती है.