Back to All Dharanas

045dharana
BodyदेहDharana 45 10–20 minAudio coming soon
Where Three Streams Meet
तीन धाराओं का संगम
ॐ
सीधे बैठिए, ध्यान सीने के बीच पर रखिए. वहाँ तीन चीज़ें एक साथ टिकी हुई हैं इसे पहचानिए. साँस इसी जगह आती जाती है. संवेदना की एक धड़कन, गरम या ठंडी, हल्की या साफ़. और वह सरल बोध जो दोनों को जानता है. तीन धाराएँ एक शांत मिलन स्थल पर पहुँचती हैं. किसी एक को मत चुनिए. तीनों को साथ थामिए, जैसे संगम पर तीन नदियाँ मिलती हैं. हृदय हमेशा से वह जगह रहा है जहाँ साँस, शरीर और जानना मिलते हैं. आज उसी संगम पर बैठिए और उसे आपको सिखाने दीजिए.