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Where Words Stop
104dharana
Onenessअद्वैतDharana 104 10–20 minअभ्यास पाठ उपलब्ध; निर्देशित ऑडियो जल्द आएगा

Where Words Stop

जहाँ शब्द रुकते हैं

अपने घर के पूजाघर पर बैठिए, या दिन के किसी शांत समय में. कुछ पवित्र शब्द धीरे से बोलिए, कोई कंठस्थ श्लोक, ईश्वर का कोई नाम, कोई एक प्रिय पंक्ति. फिर मौन हो जाइए. बिल्कुल स्थिर बैठ जाइए. अगली पंक्ति मत बोलिए, मन में भी नहीं. उसी जगह रहिए जहाँ शब्द अभी रुके हैं और मौन खुल रहा है. ध्यान दीजिए कि यह मौन वाणी का अभाव नहीं है. यह वही है जिसकी ओर वाणी हमेशा से इशारा करती आई है. वहीं बैठिए, जहाँ भाषा अपना काम पूरा कर चुकी है और कुछ गहरा, बिना शब्दों की ज़रूरत के, चुपचाप पहले से प्रतीक्षा कर रहा है.