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062dharana
The Sensesइंद्रियDharana 62 10–15 minAudio coming soon
The Whole Field of Sensing
बोध का पूरा क्षेत्र
ॐ
आँखें थोड़ी खुली, कान खुले, शरीर शांत. अधिकतर समय मन एक इंद्रिय चुनकर बाक़ी को छोड़ देता है. आज सबको एक साथ थामिए, देखना, सुनना, सूँघना, चखना, छूना, सब एक ही चौड़े बोध-क्षेत्र की तरह. कमरे का दृश्य, आसपास की छोटी आवाज़ें, अगरबत्ती की हल्की महक, चाय का बचा हुआ स्वाद, नीचे का आसन, सब साथ साथ बोध में बह रहे हैं. किसी एक पर कहानी मत बनाइए. बस पूरा ग्रहण करना ही बने रहिए. संसार एक ही अनुभव की तरह घटित हो रहा है. आप भी एक होकर मिलिए.