प्रभास खण्ड · अध्याय 313
उत्तरार्कमाहात्म्यवर्णनम्
श्लोक 1 (skanda.7.313.1)
ईश्वर उवाच। तस्माद्वायव्यदिग्भागे धनुःषोडशभिः स्थितः। उत्तरार्कश्च नाम्ना वै सद्यः प्रत्ययकारकः। मुच्यते सर्वरोगैस्तु कृत्वा वै निंबसप्तमीम्
īśvara uvāca| tasmādvāyavyadigbhāge dhanuḥṣoḍaśabhiḥ sthitaḥ| uttarārkaśca nāmnā vai sadyaḥ pratyayakārakaḥ| mucyate sarvarogaistu kṛtvā vai niṁbasaptamīm
ईश्वर ने कहा—उससे वायव्य दिशा में सोलह धनुष की दूरी पर स्थित, नाम से 'उत्तरार्क' तत्काल फल देने वाला है। निम्बसप्तमी का व्रत करके मनुष्य सब रोगों से मुक्त हो जाता है।