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Chalisa

Ketu Chalisa

केतु चालीसा

The Ketu Chalisa is a devotional hymn dedicated to Ketu Dev, the shadow graha associated with moksha, detachment, intuition, karmic release, spiritual insight, sudden separation, and liberation from illusion. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

देवता: Ketu
42 श्लोक
Traditional / Devotional Compilation
Tuesday · Thursday

केतु चालीसा केतु देव को समर्पित भक्ति स्तोत्र है। केतु छाया ग्रह हैं और मोक्ष, वैराग्य, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद, आध्यात्मिक दृष्टि, अचानक अलगाव और माया से मुक्ति से जुड़े हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

केतु देव ध्वज रूप प्रभु, मोक्ष मार्ग विस्तार। माया बंधन काटिए, दीजै ज्ञान अपार॥

ketu deva dhvaja rūpa prabhu, mokṣa mārga vistāra. māyā bandhana kāṭie, dījai jñāna apāra.

अर्थ

हे केतु देव, ध्वज रूप प्रभु, मोक्ष मार्ग का विस्तार करें। माया बंधन काटकर अपार ज्ञान दें।

Meaning

O Ketu Dev, banner-formed Lord who expands the path of liberation, cut the bonds of illusion and grant boundless knowledge.

chaupai
Verse 2

जय जय केतु देव दुखहारी। मोक्ष मार्ग के तुम रखवाली॥

जय जय केतु देव दुखहारी मोक्ष मार्ग के तुम रखवाली

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Ketu Dev, remover of sorrow and guardian of liberation.

chaupai
Verse 3

ध्वज स्वरूप जगत विख्याता। कर्म रहस्य के तुम दाता॥

ध्वज स्वरूप जगत विख्याता कर्म रहस्य के तुम दाता

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Famous in banner-like form, you reveal karmic mysteries.

chaupai
Verse 4

छाया ग्रह तुम गूढ़ विचारा। माया काटो ज्ञान हमारा॥

छाया ग्रह तुम गूढ़ विचारा माया काटो ज्ञान हमारा

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

As a shadow graha of deep thought, cut illusion and grant knowledge.

chaupai
Verse 5

राहु से तन भिन्न कहाए। मुक्ति पथ पर मन को लाए॥

राहु से तन भिन्न कहाए मुक्ति पथ पर मन को लाए

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Separated from Rahu’s body, you bring the mind toward liberation.

chaupai
Verse 6

धूम्र वर्ण रूप निराला। काटे अज्ञान तमस जंजाला॥

धूम्र वर्ण रूप निराला काटे अज्ञान तमस जंजाला

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your smoky form cuts the net of ignorance.

chaupai
Verse 7

मीन वाहन शुभ फलकारी। भक्तन पर कृपा तुम्हारी॥

मीन वाहन शुभ फलकारी भक्तन पर कृपा तुम्हारी

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your fish vehicle is auspicious, and your grace rests on devotees.

chaupai
Verse 8

केतु काल जब कठिन बनावे। नाम तुम्हारा राह दिखावे॥

केतु काल जब कठिन बनावे नाम तुम्हारा राह दिखावे

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

When Ketu periods become difficult, your name shows the way.

chaupai
Verse 9

कुत्ते को भोजन जो देई। दया भाव से पीड़ा हर लेई॥

कुत्ते को भोजन जो देई दया भाव से पीड़ा हर लेई

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Feeding dogs with compassion is traditionally linked with Ketu relief.

chaupai
Verse 10

तिल कंबल दान करावो। कर्म दोष सब शांत बनावो॥

तिल कंबल दान करावो कर्म दोष सब शांत बनावो

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Through sesame and blanket charity, karmic afflictions are pacified.

chaupai
Verse 11

गणपति संग नाता प्यारा। विघ्न हटे हो शुभ उजियारा॥

गणपति संग नाता प्यारा विघ्न हटे हो शुभ उजियारा

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your link with Ganesha removes obstacles and brings auspicious light.

chaupai
Verse 12

ध्यान समाधि पथ दिखलाते। चंचल मन को शून्य बनाते॥

ध्यान समाधि पथ दिखलाते चंचल मन को शून्य बनाते

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You show the path of meditation and make the restless mind spacious.

chaupai
Verse 13

अहंकार का मूल हटाओ। सत्य आत्म का बोध कराओ॥

अहंकार का मूल हटाओ सत्य आत्म का बोध कराओ

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Remove the root of ego and reveal the true Self.

chaupai
Verse 14

पूर्व जन्म के बंधन काटो। कर्म ग्रंथि सब शीघ्र छुड़ाओ॥

पूर्व जन्म के बंधन काटो कर्म ग्रंथि सब शीघ्र छुड़ाओ

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Cut bonds from past births and release karmic knots.

chaupai
Verse 15

रहस्य विद्या तुमसे जागे। अंतर दीप अज्ञान से भागे॥

रहस्य विद्या तुमसे जागे अंतर दीप अज्ञान से भागे

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Mystic knowledge awakens through you, and ignorance flees.

chaupai
Verse 16

अचानक हानि जब आ जाए। केतु कृपा धैर्य दिलाए॥

अचानक हानि जब आ जाए केतु कृपा धैर्य दिलाए

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

When sudden loss arrives, Ketu’s grace grants patience.

chaupai
Verse 17

वैराग्य का शुभ दीप जलाओ। लोभ मोह सब दूर भगाओ॥

वैराग्य का शुभ दीप जलाओ लोभ मोह सब दूर भगाओ

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Light the lamp of detachment and remove greed and attachment.

chaupai
Verse 18

शत्रु भीतर संदेह हमारा। तुमसे हो उसका उद्धारा॥

शत्रु भीतर संदेह हमारा तुमसे हो उसका उद्धारा

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Our inner enemy is doubt; through you it is resolved.

chaupai
Verse 19

केतु मंत्र जो नित जन गावे। भय भ्रम बंधन दूर भगावे॥

केतु मंत्र जो नित जन गावे भय भ्रम बंधन दूर भगावे

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

One who chants Ketu mantra daily removes fear, confusion, and bondage.

chaupai
Verse 20

ध्वजा अर्पण प्रेम से करई। जीवन में शुभ गति वह धरई॥

ध्वजा अर्पण प्रेम से करई जीवन में शुभ गति वह धरई

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

One who offers a flag with love receives auspicious movement in life.

chaupai
Verse 21

रोग रहस्य हरने वाले। सूक्ष्म कारण जाननहारे॥

रोग रहस्य हरने वाले सूक्ष्म कारण जाननहारे

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

You remove mysterious ailments and reveal subtle causes.

chaupai
Verse 22

सर्प दोष की शांति कराओ। वंश पीड़ा दूर हटाओ॥

सर्प दोष की शांति कराओ वंश पीड़ा दूर हटाओ

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Pacify serpent-related afflictions and ancestral distress.

chaupai
Verse 23

अध्यात्म मार्ग सरल बनाओ। गुरु चरण में भाव जगाओ॥

अध्यात्म मार्ग सरल बनाओ गुरु चरण में भाव जगाओ

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Make the spiritual path simple and awaken devotion at the Guru’s feet.

chaupai
Verse 24

मन की उलझन काटो नाथा। दिखलाओ मुक्तिपथ साथा॥

मन की उलझन काटो नाथा दिखलाओ मुक्तिपथ साथा

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Cut mental confusion and show the path of liberation.

chaupai
Verse 25

मौन तुम्हारा ज्ञान बतावे। बिना शब्द मन सत्य को पावे॥

मौन तुम्हारा ज्ञान बतावे बिना शब्द मन सत्य को पावे

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Your silence teaches knowledge; the mind finds truth beyond words.

chaupai
Verse 26

कुंडली में जब केतु भारी। करो कृपा संकट निवारी॥

कुंडली में जब केतु भारी करो कृपा संकट निवारी

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

When Ketu is heavy in the chart, show grace and remove trouble.

chaupai
Verse 27

अदृश्य रक्षा तुम कर देना। भक्त को निज ध्यान में लेना॥

अदृश्य रक्षा तुम कर देना भक्त को निज ध्यान में लेना

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Give invisible protection and keep the devotee in your attention.

chaupai
Verse 28

तांत्रिक मार्ग जो साधक ध्यावे। गुरु आज्ञा से सिद्धि पावे॥

तांत्रिक मार्ग जो साधक ध्यावे गुरु आज्ञा से सिद्धि पावे

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Seekers on subtle paths receive siddhi through Guru’s command.

chaupai
Verse 29

भ्रमित प्रसिद्धि दूर कराओ। आत्म सत्य में मन लगवाओ॥

भ्रमित प्रसिद्धि दूर कराओ आत्म सत्य में मन लगवाओ

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Remove confusing fame and attach the mind to truth.

chaupai
Verse 30

निराश मन में ज्योति जलाओ। जीवन को नूतन अर्थ दिलाओ॥

निराश मन में ज्योति जलाओ जीवन को नूतन अर्थ दिलाओ

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Light hope in despair and give new meaning to life.

chaupai
Verse 31

उल्कापात सा कर्म दिखाते। अचानक परिवर्तन सिखलाते॥

उल्कापात सा कर्म दिखाते अचानक परिवर्तन सिखलाते

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Like a meteor, you reveal sudden karmic change.

chaupai
Verse 32

मोक्ष कारक देव तुम्हारे। नाम जपे भव बंधन टारे॥

मोक्ष कारक देव तुम्हारे नाम जपे भव बंधन टारे

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

As moksha-giving deity, your name removes worldly bondage.

chaupai
Verse 33

ध्यान में जो बाधा आवै। केतु देव उसे दूर हटावै॥

ध्यान में जो बाधा आवै केतु देव उसे दूर हटावै

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

When obstacles arise in meditation, Ketu Dev removes them.

chaupai
Verse 34

तर्क जहाँ पर थक-सा जाए। अंतर्ज्ञान पथ बतलाए॥

तर्क जहाँ पर थक-सा जाए अंतर्ज्ञान पथ बतलाए

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Where logic tires, intuition shows the way.

chaupai
Verse 35

विच्छेद में भी कृपा छिपी। छूटन में भी मुक्ति लिखी॥

विच्छेद में भी कृपा छिपी छूटन में भी मुक्ति लिखी

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Even separation hides grace; release may contain liberation.

chaupai
Verse 36

साधक जब सब छोड़ सके। तब ही सत्य से जोड़ सके॥

साधक जब सब छोड़ सके तब ही सत्य से जोड़ सके

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Only when the seeker can release, truth can unite.

chaupai
Verse 37

जो चालीसा प्रेम से पढ़े। केतु दोष सब शांत पड़े॥

जो चालीसा प्रेम से पढ़े केतु दोष सब शांत पड़े

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever reads this Chalisa with love pacifies Ketu afflictions.

chaupai
Verse 38

अंत समय वैराग्य दिलाना। हरि स्मरण से पार लगाना॥

अंत समय वैराग्य दिलाना हरि स्मरण से पार लगाना

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, grant detachment and carry us across through Hari remembrance.

chaupai
Verse 39

भक्त तुम्हारे चरण निहारें। केतु देव सब क्लेश निवारे॥

भक्त तुम्हारे चरण निहारें केतु देव सब क्लेश निवारे

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Devotees behold your feet; Ketu Dev removes afflictions.

chaupai
Verse 40

जय केतु ज्ञान प्रकाशक। माया बंधन के विनाशक॥

जय केतु ज्ञान प्रकाशक माया बंधन के विनाशक

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Ketu, illuminator of knowledge and destroyer of illusion.

chaupai
Verse 41

करो कृपा हे मोक्ष दाता। रक्षा करो छाया विघ्नहर्ता॥

करो कृपा हे मोक्ष दाता रक्षा करो छाया विघ्नहर्ता

अर्थ

यह पद केतु देव की वैराग्य, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, कर्म-विच्छेद और माया-निवारण शक्ति का स्मरण करता है।

Meaning

Show grace, O giver of liberation and remover of shadow obstacles.

doha closing
Verse 42

केतु देव कृपा करो, दो वैराग्य विचार। माया बंधन काटकर, कर दो भव से पार॥

ketu deva kṛpā karo, do vairāgya vicāra. māyā bandhana kāṭakara, kara do bhava se pāra.

अर्थ

हे केतु देव, कृपा कर वैराग्य और विचार दें। माया बंधन काटकर भव से पार करें।

Meaning

O Ketu Dev, grant detachment and discernment. Cut the bonds of illusion and carry us across worldly existence.

Ketu Chalisa

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