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250

ॐ अर्धशतनामप्रीताय नमः

अर्धशतनामप्रीतः

Ardhaśatanāmaprītaḥ

Root: ardha + śata + nāma + prīta

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

He who is delighted by the two-hundred-and-fifty names, pleased at this quarter-milestone of the sacred recitation

ढाई सौ नामों से प्रसन्न, पवित्र पाठ के इस चतुर्थांश मील के पत्थर पर प्रसन्न

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

अर्धशत

half of five hundred, two hundred and fifty

अर्धशत, ढाई सौ

नाम

name

नाम

प्रीत

pleased, delighted

प्रीत, प्रसन्न

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

ढाई सौ नाम। अय्यप्पा के हजार नामों की यात्रा का एक चौथाई अब पूर्ण हो गया है। परम्परा सहस्रनाम के पाठ को केवल उच्चारण या स्मृति के अभ्यास के रूप में नहीं बल्कि दिव्यता की वास्तुकला से होते हुए एक प्रगतिशील आन्दोलन के रूप में समझती है। हर नाम एक द्वार है; उसमें थोड़े समय के लिए प्रवेश करके, पाठकर्ता का मन अनन्त की एक विशेष गुणवत्ता को स्पर्श करता है। २५० नामों में, २५० गुणवत्ताएँ छुई गई हैं, चाहे हल्के से ही। इस चतुर्थांश-मील के पत्थर से प्रसन्न प्रभु वही प्रभु भी हैं जो जानते हैं कि स्वयं का कितना अभी नाम दिया जाना बाकी है, और जो पाठकर्ता की जारी यात्रा का स्वागत करते हैं।

When to Chant

कब जपें

The 250th name, marking one quarter of the complete Sahasranama. Pause and acknowledge that 250 dimensions of the divine have been traversed. The Lord receives this mark of progress with joy.

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