ॐ सर्वज्ञानप्रदाय नमः
सर्वज्ञानप्रदः
Sarvajñānapradaḥ
Root: sarva + jñāna + prada
अर्थ
The bestower of all knowledge, who grants every form of understanding from practical wisdom to the highest spiritual realisation
सर्व-ज्ञान के दाता, जो व्यावहारिक बुद्धि से उच्चतम आध्यात्मिक साक्षात्कार तक समझ के हर रूप को प्रदान करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब, समस्त
ज्ञान
knowledge, wisdom, understanding
ज्ञान, विवेक, समझ
प्रद
bestower
प्रदाता
आधुनिक संदर्भ
भारत में दुनिया के सबसे महत्त्वाकांक्षी शैक्षिक परिवर्तनों में से एक चल रहा है: राष्ट्रीय शिक्षा नीति २०२० का उद्देश्य पूरे देश में साक्षरता, STEM भागीदारी और उच्च शिक्षा पहुँच को महत्त्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। इस सामूहिक ज्ञान-खोज की पृष्ठभूमि में, सर्वज्ञानप्रद अय्यप्पा को सीखने का परम संरक्षक स्थापित करता है: किसी विशेष विषय के देवता नहीं बल्कि वह स्रोत जिससे सभी वास्तविक समझ बहती है। मद्रास में ऊष्मप्रवैगिकी में महारत हासिल करने वाले IIT छात्र से इडुक्की में किसी बुजुर्ग से औषधीय पौधों के नाम सीखने वाले लोक-चिकित्सक तक, दोनों उसी अक्षय ज्ञान-कुएँ से खींच रहे हैं जिसके रक्षक सर्वज्ञानप्रद हैं।
कब जपें
ॐChant before any learning endeavour, from school examinations to advanced research, understanding that all genuine knowledge ultimately comes from the same divine source.
और विद्या नाम
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