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ॐ श्राद्धकर्मप्रियाय नमः

श्राद्धकर्मप्रियः

Śrāddhakarmapriyaḥ

Root: śrāddha + karma + priya

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

The one who loves the Shraddha rites, the deity pleased by all sincere ritual acts performed for departed souls

श्राद्ध कर्मों से प्रिय, वह देवता जो दिवंगत आत्माओं के लिए किए गए सभी सच्चे अनुष्ठानों से प्रसन्न होते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

श्राद्ध

the rite for departed ancestors

श्राद्ध, पितरों का संस्कार

कर्म

ritual action, rite

कर्म, अनुष्ठान

प्रिय

beloved, dear

प्रिय

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

श्राद्धकर्मप्रिय पितॄणां पति (161) के साथ दत्तात्रेय की भूमिका के पूर्वज-पूजा आयाम को समेटता है। श्राद्ध पूर्वजों के प्रति 'श्रद्धा' (विश्वास/सम्मान) की अनुष्ठानिक अभिव्यक्ति है। इस शब्द का अर्थ ही है 'वह जो श्रद्धा (सच्चे विश्वास) के साथ किया जाए।' त्र्यम्बकेश्वर में श्राद्ध करने वाले परिवार विशेष रूप से दत्तात्रेय को श्राद्धकर्मप्रिय के रूप में आवाहित करते हैं क्योंकि गोदावरी उद्गम पर यह स्थल दत्तात्रेय का गृह क्षेत्र माना जाता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when performing Shraddha and Pitru-tarpana, at Gaya and Prayagraj pilgrimages, or when honouring the connection between the living and the departed through ritual.

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