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ॐ चतुर्युगविभागज्ञाय नमः

चतुर्युगविभागज्ञः

Caturyugavibhāgajñaḥ

Root: catur + yuga + vibhāga + jña

Wisdom·ज्ञान
Meaning

अर्थ

The knower of the divisions of the four cosmic ages, who understands the spiritual prescriptions appropriate for each yuga

चारों युगों के विभागों के ज्ञाता, जो प्रत्येक युग के लिए उपयुक्त आध्यात्मिक विधानों को समझते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

चतुर्

four

चार

युग

cosmic age, era

युग, कालखण्ड

विभाग

division, distinction

विभाग, भेद

ज्ञ

knower

ज्ञाता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

चतुर्युगविभागज्ञ युग सिद्धान्त को सम्बोधित करता है: ब्रह्माण्डीय काल का मानवता में घटती आध्यात्मिक क्षमता के चार युगों (सत्य, त्रेता, द्वापर, कलियुग) के माध्यम से चक्रीय गति। पुराण विभिन्न युगों के लिए विभिन्न प्राथमिक साधनाएँ निर्धारित करते हैं: सत्ययुग के लिए ध्यान, त्रेतायुग के लिए यज्ञ, द्वापरयुग के लिए अर्चना और कलियुग के लिए नाम-जप। दत्तात्रेय, जो एक साथ सभी चार युगों में मौजूद हैं, सभी चार नुस्खे जानते हैं। समकालीन भारत में नाम-जप परिवृत्तों (नाम-सप्ताह, नाम-सत्संग) के साथ यह नाम सीधे लागू होता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when studying the yuga doctrine, when understanding why nama-japa is specifically prescribed for Kali Yuga, or when aligning one's practice with what is most effective for the current age.

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