ॐ चतुर्विंशतिगुरवे नमः
चतुर्विंशतिगुरुः
Caturviṃśatigurūḥ
Root: caturviṃśati + guru
अर्थ
The one who had twenty-four gurus, the sage who learned the supreme truth from all of creation
जिन्होंने चौबीस गुरुओं से ज्ञान लिया, वह ऋषि जिन्होंने सम्पूर्ण सृष्टि से परम सत्य सीखा
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
चतुर्विंशति
twenty-four
चौबीस
गुरु
teacher
गुरु
आधुनिक संदर्भ
चतुर्विंशतिगुरु दत्तात्रेय की सबसे प्रसिद्ध दार्शनिक शिक्षा की कुंजी है। भागवत पुराण (एकादश स्कन्ध) में जब राजा यदु दत्तात्रेय से पूछते हैं कि उनके गुरु कौन हैं, तो दत्तात्रेय उत्तर देते हैं: मेरे चौबीस गुरु हैं: पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, चन्द्रमा, सूर्य, कबूतर, अजगर, समुद्र, पतंगा, मधुमक्खी, हाथी, शहद चोर, हिरण, मछली, पिंगला वेश्या, बाज, बच्चा, कुमारी, बाण-निर्माता, सर्प, मकड़ी और भिड़। प्रत्येक ने कभी पढ़ाने का इरादा किए बिना एक विशिष्ट जीवन-पाठ सिखाया। यह अहमदाबाद और हैदराबाद के प्रबन्धन विद्यालयों में 'अनुभव-शिक्षा' के रूप में पढ़ाया जाता है।
कब जपें
ॐChant when beginning study of the Avadhuta Gita's 24-guru teaching, on Guru Purnima, or when seeking to learn from life's everyday circumstances rather than formal teachers.
और ज्ञान नाम
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