ॐ नाथसम्प्रदायप्रवर्तकाय नमः
नाथसम्प्रदायप्रवर्तकः
Nāthasampradāyapravartakaḥ
Root: nātha + sampradāya + pravartaka
अर्थ
The founder and initiator of the Nath Sampradaya, the first teacher of the great Nath yogic tradition
नाथ सम्प्रदाय के संस्थापक और प्रवर्तक, महान नाथ योग परम्परा के प्रथम आचार्य
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
नाथ
lord, master
नाथ, स्वामी
सम्प्रदाय
tradition, school
सम्प्रदाय, परम्परा
प्रवर्तक
founder, initiator
प्रवर्तक, संस्थापक
आधुनिक संदर्भ
नाथसम्प्रदायप्रवर्तक एक ऐतिहासिक रूप से महत्त्वपूर्ण नाम है: भारत की सबसे व्यापक योग परम्परा, नाथ सम्प्रदाय, अपना मूल दत्तात्रेय में मानती है। मत्स्येन्द्रनाथ ने दत्तात्रेय से योग-शिक्षा प्राप्त की, फिर गोरखनाथ को दी, जिन्होंने इसे हठ योग परम्परा में व्यवस्थित किया। नाथ सम्प्रदाय के 12 उप-पन्थ (पन्थ) पूरे भारत में फैले हैं। आज दिल्ली से चेन्नई तक हर योग स्टूडियो में नाथ योग का प्रभाव महसूस होता है, जिससे दत्तात्रेय इस नाम के माध्यम से भारत के आधुनिक योग आन्दोलन के परोक्ष पूर्वज बनते हैं।
कब जपें
ॐChant when studying Nath Sampradaya texts, at temples of Gorakhnath and Matsyendranath, or in any context honouring the Nath tradition of India.
और ज्ञान नाम
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