ॐ कार्तवीर्यार्जुनवरदाय नमः
कार्तवीर्यार्जुनवरदः
Kārtavīryārjunavāradadaḥ
Root: kārtavīrya + arjuna + varada
अर्थ
The bestower of boons upon Kartavirya Arjuna, the generous granter who empowered the thousand-armed king
कार्तवीर्य अर्जुन को वर देने वाले, उस सहस्रभुज राजा को शक्ति प्रदान करने वाले उदार वरदाता
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
कार्तवीर्यार्जुन
Kartavirya Arjuna, the thousand-armed king
कार्तवीर्य अर्जुन, सहस्रभुज राजा
वरद
bestower of boons
वरदाता
आधुनिक संदर्भ
कार्तवीर्यार्जुनवरद दत्तात्रेय की सबसे प्रसिद्ध कथाओं में से एक की ओर संकेत करता है। राजा कार्तवीर्य अर्जुन को दत्तात्रेय ने उनकी तपस्या के पुरस्कार स्वरूप सहस्र भुजाएँ और महान शक्ति प्रदान की। यह कथा विष्णु पुराण और हरिवंश में है। कार्तवीर्य अर्जुन का राज्य नर्मदा पर माहिष्मती में था, जो आज के मध्य प्रदेश में है। जब उसी राजा ने बाद में जमदग्नि के आश्रम को लूटा, तो इसने परशुराम के प्रतिशोध की कथा को जन्म दिया। कथा सिखाती है कि दिव्य शक्ति (वरद) स्थायी नहीं है: तपस से कमाई जाती है और अधर्म से खोई जाती है।
कब जपें
ॐChant when seeking divine boons or power for righteous purposes, particularly in the Maranatha tradition of the Deccan. Also relevant during Datta Jayanti in Mahishpur.
और शक्ति नाम
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