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ॐ कुण्डलिनीप्रबोधकाय नमः

कुण्डलिनीप्रबोधकः

Kuṇḍalinīprabodhakaḥ

Root: kuṇḍalinī + prabodhaka

Power·शक्ति
Meaning

अर्थ

The awakener of the Kundalini, who arouses the dormant serpent power at the base of the spine

कुण्डलिनी को जागृत करने वाले, जो मेरुदण्ड के मूल में सुप्त सर्पशक्ति को जागृत करते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

कुण्डलिनी

the coiled serpent energy at the spine's base

मेरुदण्ड के मूल में कुण्डलित सर्पशक्ति

प्रबोधक

awakener

प्रबोधक, जागृत करने वाले

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

कुण्डलिनीप्रबोधक दत्तात्रेय को कुण्डलिनी जागरण की तान्त्रिक परम्परा से जोड़ता है। नाथ सम्प्रदाय, जो अपनी परम्परा दत्तात्रेय से मानता है, ने कुण्डलिनी, चक्र प्रणाली और नाड़ियों (ऊर्जा चैनलों) का व्यवस्थित ज्ञान विकसित किया। मुंगेर में स्वामी सत्यानन्द सरस्वती के बिहार स्कूल ऑफ योग ने कुण्डलिनी पर सबसे व्यापक आधुनिक ग्रन्थ तैयार किए हैं जो ऋषिकेश से मैसूरु तक योग शिक्षक प्रशिक्षणों में पढ़े जाते हैं। नाथ परम्परा में प्रत्येक कुण्डलिनी जागरण अन्ततः दत्तात्रेय की कृपा को समर्पित है।

When to Chant

कब जपें

Chant during Kundalini yoga practices, when working with the chakra system, or at Shakti-Datta peethas where the energy of the deity is said to be particularly awakening.

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