ॐ अष्टसिद्धिप्रदाय नमः
अष्टसिद्धिप्रदः
Aṣṭasiddhipradaḥ
Root: aṣṭa + siddhi + prada
अर्थ
The bestower of the eight great powers, the giver of the eight supernatural accomplishments to sincere aspirants
अष्ट सिद्धियों के दाता, सच्चे साधकों को आठ अलौकिक सिद्धियाँ प्रदान करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अष्ट
eight
आठ
सिद्धि
supernatural power, accomplishment
सिद्धि, अलौकिक शक्ति
प्रद
giver, bestower
दाता, प्रदाता
आधुनिक संदर्भ
अष्टसिद्धिप्रद दत्तात्रेय को योग परम्परा में वर्णित सभी आठ महान सिद्धियों का दाता नाम देता है: अणिमा (अत्यन्त छोटा होना), महिमा (अत्यन्त बड़ा होना), लघिमा (भारहीन होना), गरिमा (अत्यन्त भारी होना), प्राप्ति (कहीं भी पहुँचना), प्राकाम्य (सभी इच्छाएँ पूरी करना), ईशित्व (सभी पर प्रभुता) और वशित्व (सभी पर नियन्त्रण)। दत्तात्रेय की शिक्षा में सिद्धि बिना ज्ञान के खतरनाक है, और मोक्ष ही एकमात्र वास्तविक सिद्धि है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से महाराष्ट्र के नान्देड तक मौखिक परम्परा में नाथ सिद्धों की अलौकिक शक्तियों की कहानियाँ भरी पड़ी हैं।
कब जपें
ॐChant when seeking specific siddhi powers for righteous purposes, during Nath sadhana, or when honouring Dattatreya as the source of all eight great siddhis.
और शक्ति नाम
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