Skip to main content
76

ॐ अष्टसिद्धिप्रदाय नमः

अष्टसिद्धिप्रदः

Aṣṭasiddhipradaḥ

Root: aṣṭa + siddhi + prada

Power·शक्ति
Meaning

अर्थ

The bestower of the eight great powers, the giver of the eight supernatural accomplishments to sincere aspirants

अष्ट सिद्धियों के दाता, सच्चे साधकों को आठ अलौकिक सिद्धियाँ प्रदान करने वाले

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

अष्ट

eight

आठ

सिद्धि

supernatural power, accomplishment

सिद्धि, अलौकिक शक्ति

प्रद

giver, bestower

दाता, प्रदाता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

अष्टसिद्धिप्रद दत्तात्रेय को योग परम्परा में वर्णित सभी आठ महान सिद्धियों का दाता नाम देता है: अणिमा (अत्यन्त छोटा होना), महिमा (अत्यन्त बड़ा होना), लघिमा (भारहीन होना), गरिमा (अत्यन्त भारी होना), प्राप्ति (कहीं भी पहुँचना), प्राकाम्य (सभी इच्छाएँ पूरी करना), ईशित्व (सभी पर प्रभुता) और वशित्व (सभी पर नियन्त्रण)। दत्तात्रेय की शिक्षा में सिद्धि बिना ज्ञान के खतरनाक है, और मोक्ष ही एकमात्र वास्तविक सिद्धि है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से महाराष्ट्र के नान्देड तक मौखिक परम्परा में नाथ सिद्धों की अलौकिक शक्तियों की कहानियाँ भरी पड़ी हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant when seeking specific siddhi powers for righteous purposes, during Nath sadhana, or when honouring Dattatreya as the source of all eight great siddhis.

← → arrow keys to navigate