ॐ अष्टाङ्गयोगकोविदाय नमः
अष्टाङ्गयोगकोविदः
Aṣṭāṅgayogakovidaḥ
Root: aṣṭāṅga + yoga + kovida
अर्थ
The expert in the eight-limbed yoga, the supreme master of Patanjali's eight-fold path from yama to samadhi
अष्टांग योग में कोविद, यम से समाधि तक पतञ्जलि के अष्टमार्ग के सर्वोच्च आचार्य
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अष्टांग
eight-limbed
अष्टांग, आठ अंगों वाला
योग
yoga
योग
कोविद
expert, adept
कोविद, पारंगत
आधुनिक संदर्भ
अष्टाङ्गयोगकोविद दत्तात्रेय को पतञ्जलि के अष्टांग योग के पारंगत नाम देता है: यम (नैतिक नियम), नियम (व्यक्तिगत अनुशासन), आसन (आसन), प्राणायाम (श्वास नियमन), प्रत्याहार (इन्द्रियों का निवर्तन), धारणा (एकाग्रता), ध्यान और समाधि। पतञ्जलि की प्रणाली अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पढ़ाया जाने वाला योगिक पाठ्यक्रम है। नाथ सम्प्रदाय, जो अपनी परम्परा दत्तात्रेय से मानता है, इस अष्टांग प्रणाली का सबसे पुराना व्यावहारिक वाहक है। मैसूरु में के. पट्टाभि जोइस ने 20वीं शताब्दी में अष्टांग विन्यास योग की स्थापना की।
कब जपें
ॐChant before ashtanga yoga practice, when studying the Yoga Sutras, or to invoke the depth of yogic mastery that undergirds every authentic yoga teaching.
और ज्ञान नाम
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