Skip to main content
293

ॐ निवर्तकाय नमः

निवर्तकः

Nivartakaḥ

Root: ni + vartaka

Liberation·मोक्ष
Meaning

अर्थ

The one who causes withdrawal, who draws the soul back from its outer journeying toward its true home in the inner self

वापसी कराने वाले, जो आत्मा को उसकी बाहरी यात्रा से वापस अन्तर्मन में उसके सच्चे घर की ओर खींचते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

नि

back, inward

वापस, अन्दर

वर्तक

one who turns, guide

मोड़ने वाले, पथप्रदर्शक

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

निवर्तक प्रवर्तक (292) के बाद अभिव्यक्ति और वापसी के चक्र में उसके पूरक के रूप में आता है। वेदान्त में ब्रह्माण्ड को प्रवृत्ति (बाहर की ओर अभिव्यक्ति में गति) और निवृत्ति (स्रोत की ओर आन्तरिक वापसी) के एक चक्र के रूप में वर्णित किया जाता है। योग और वेदान्त की सम्पूर्ण आध्यात्मिक राह एक निवृत्ति मार्ग के रूप में वर्णित है। अवधूत गीता में प्रत्येक श्लोक निवर्तक है: यह पाठक का ध्यान बाहरी जगत से शुद्ध आत्मा की ओर मोड़ता है।

When to Chant

कब जपें

Chant during pratyahara practice, when the mind withdraws from the senses inward, or at the turning point when outer-seeking transforms into inner-seeking.

← → arrow keys to navigate