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ॐ चिदानन्दस्वरूपाय नमः

चिदानन्दस्वरूपः

Cidānandasvarūpaḥ

Root: cit + ānanda + svarūpa

Liberation·मोक्ष
Meaning

अर्थ

The one whose essential nature is pure consciousness and bliss, the form of Sat-Chit-Ananda

जिनका मूल स्वरूप शुद्ध चेतना और आनन्द है, सत्-चित्-आनन्द के स्वरूप

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

चित्

pure consciousness

शुद्ध चेतना

आनन्द

bliss, joy

आनन्द, परम सुख

स्वरूप

essential nature, true form

स्वरूप, वास्तविक रूप

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

चिदानन्दस्वरूप परम वास्तविकता के उपनिषदीय सूत्र का वर्णन करता है: सत् (अस्तित्व), चित् (चेतना), आनन्द (परम सुख)। दत्तात्रेय तीनों को एक साथ मूर्त रूप देते हैं। अवधूत गीता के प्रारम्भ में दत्तात्रेय स्वयं को समस्त बन्धन से परे शुद्ध चेतना और आनन्द घोषित करते हैं। स्वामी चिन्मयानन्द, जिन्होंने मुम्बई से चेन्नई तक भारत के शहरों में पढ़ाया, ने 'चिदानन्द' को शिक्षित शहरी भक्त के लिए अपनी पहचान की शिक्षा के रूप में प्रयोग किया। ऋषिकेश में शिवानन्द का दिव्य जीवन संघ चिदानन्द के जीवन का ही प्रतीक है।

When to Chant

कब जपें

Chant during deep meditation to invoke the blissful nature of pure awareness, or when practising soham and aham brahmasmi sadhana.

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