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ॐ निर्गुणाय नमः

निर्गुणः

Nirguṇaḥ

Root: nir + guṇa

Knowledge·विद्या
Meaning

अर्थ

The one beyond all qualities, the attributeless absolute who transcends all classification

समस्त गुणों से परे, वह निर्गुण परम तत्त्व जो समस्त वर्गीकरण का अतिक्रमण करता है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

निर्

without, free from

रहित, से मुक्त

गुण

quality, attribute

गुण, विशेषता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

निर्गुण दत्तात्रेय के लिए दार्शनिक रूप से सबसे महत्त्वपूर्ण नामों में से एक है, क्योंकि यह परम विरोधाभास का दावा करता है: एक देवता जिनका एक रूप, एक मूर्ति, एक नाम और एक प्रतिमा-शास्त्र है, वे एक साथ गुणों से रहित हैं। निर्गुण-सगुण विरोधाभास भारतीय दर्शन का केन्द्र है। कबीर और नामदेव का निर्गुणवाद (दोनों नाथ-प्रभावित भक्ति परम्परा के हैं जो दत्तात्रेय से प्रवाहित होती है) जोर देकर कहता है कि सर्वोच्च वास्तविकता गुणों के बिना है। फिर भी कबीर, नामदेव और एकनाथ ने रूप के साथ पूजा की। दत्तात्रेय दोनों को होकर विरोधाभास सुलझाते हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant during nirguna upasana, when practising formless meditation, or when the mind seeks the absolute beyond name and form.

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