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ॐ सर्वज्ञाय नमः

सर्वज्ञः

Sarvajñaḥ

Root: sarva + jña

Knowledge·विद्या
Meaning

अर्थ

The omniscient one who knows all things across all times and all realms without exception

सर्वज्ञ, जो बिना किसी अपवाद के सभी कालों और सभी लोकों में सब कुछ जानते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

सर्व

all, everything

सब, समस्त

ज्ञ

knower

ज्ञाता

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

सर्वज्ञ दत्तात्रेय को पूर्ण सर्वज्ञता प्रदान करता है: भूत, वर्तमान या भविष्य में कुछ भी नहीं जो वे न जानते हों। यह गुण उनकी आदिगुरु की भूमिका को अर्थपूर्ण बनाता है, क्योंकि केवल एक सर्वज्ञ शिक्षक ही प्रत्येक अद्वितीय छात्र के लिए ठीक साधना निर्धारित कर सकता है। वेदान्त में सर्वज्ञता (सर्वज्ञत्व) सर्वशक्तिमत्ता और सर्वव्यापिता के साथ ईश्वर के तीन परिभाषित गुणों में से एक है। नागपुर और लातूर के परिवार जो परीक्षाओं से पहले प्रार्थना करते हैं, सर्वज्ञ दत्तात्रेय का आवाहन करते हैं क्योंकि उनका ज्ञान इस तक विस्तृत है कि प्रत्येक छात्र ने क्या सीखा है।

When to Chant

कब जपें

Chant when seeking clarity in confusion, before examinations, in legal or ethical dilemmas, or when trusting that the guru always knows what the disciple needs.

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